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हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार चुने गए राज्यसभा के उपसभापति, PM मोदी ने दी बधाई

राज्यसभा के मनोनीत सांसद हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपाध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गए हैं। हालांकि विपक्षी खेमे से किसी उम्मीदवार को न उतारे जाने के बाद उनका निर्विरोध चुना जाना तय था, जिसकी औपचारिक रूप से आज शुक्रवार को घोषणा की गई। भारत के संसदीय इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मनोनीत सांसद को राज्यसभा के उपसभापति के लिए चुना गया हो। 

हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म होने के बाद यह पद खाली हो गया था। सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'राज्यों की परिषद में कार्य-प्रणाली और कार्य-संचालन नियमों' के नियम 7 के तहत चुनाव के लिए शुक्रवार का दिन तय किया। प्रस्तावों की सूचना जमा करने की अंतिम समय-सीमा गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक थी।

हरिवंश की उम्मीदवारी के समर्थन में 5 नोटिस प्राप्त हुए, जबकि विपक्ष की ओर से कोई नोटिस दाखिल नहीं किया गया। विपक्ष ने चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह बहिष्कार मोदी सरकार द्वारा पिछले 7 वर्षों से लोकसभा में उपाध्यक्ष की नियुक्ति न किए जाने के विरोध में किया जा रहा है। 

राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह के निर्विरोध उपसभापति चुने जाने पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाना इस बात का प्रमाण है कि इस सदन का आप पर कितना गहरा भरोसा है, बीते समय में सदन को आपके अनुभव से कितना लाभ मिला है और आप सबको साथ लेकर चलने के लिए कितने प्रयास करते हैं।"

पीएम मोदी ने आगे कहा, "हम सबने देखा है कि हरिवंश जी के नेतृत्व में सदन की ताकत और भी ज़्यादा असरदार हुई है। वे न सिर्फ सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं, बल्कि अपने पिछले अनुभवों का इस्तेमाल करके सदन को बड़ी बारीकी से समृद्ध भी करते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि उपसभापति के तौर पर उनका यह नया कार्यकाल भी उसी भावना, संतुलन और समर्पण के साथ आगे बढ़ेगा। हम सबके प्रयासों से सदन की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी।"