Breaking News

3 दिवसीय भारत दौरे पर पोलैंड के प्रधानमंत्री, आज पीएम मोदी से होगी मुलाकात     |   फ्रांस में जारी प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी     |   43 साल पुराने गैंगरेप केस में इलाहाबाद HC का फैसला, सबूतों के अभाव में 3 आरोपियों को किया बरी     |   मुंबई एयरपोर्ट पर करोड़ों की गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश, एयरपोर्ट कर्मचारी समेत 5 गिरफ्तार     |   सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत और 8 घायल, कई फ्लाइट्स डायवर्ट     |  

सरकार ने अल-नीनो से प्रभावित होने वाले संभावित जिलों की पहचान की, आपात योजना बनाई

New Delhi: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने देश भर में 197 ऐसे जिलों की पहचान की है जो अल-नीनो के असर से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने हर राज्य के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार की हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय किसानों तक पहुंचने के लिए ‘‘खेत बचाओ अभियान’’ नाम से एक देशव्यापी जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

चौहान ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अल-नीनो को लेकर चिंता मेरे मन में हर समय रहती है। पक्के तौर पर तो नहीं, लेकिन 197 जिलों की पहचान सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले जिलों के तौर पर की गई है।’’ मंत्रालय अल-नीनो की स्थिति का आकलन करने के लिए हर सप्ताह बैठकें कर रहा है और हालात बिगड़ने पर तेजी से निपटने के लिए बीज समेत खेती से जुड़ी जरूरी चीजों का स्टॉक भी तैयार रखा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने हर राज्य के लिए एक आपातकालीन योजना तैयार की है। इससे निपटने के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’’ अल-नीनो मौसम से जुड़ी एक ऐसी घटना है जो ऐतिहासिक रूप से कमजोर मानसून और बारिश में अनिश्चितता से जुड़ी रही है - और इस साल भी यह चिंता बनी हुई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के लंबे समय के औसत का लगभग 90 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो सामान्य से कम बारिश वाले मौसम का संकेत है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मानसून के दूसरे हिस्से में अल-नीनो की स्थिति और गंभीर होती है, तो फसलों को होने वाला खतरा बढ़ सकता है।

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून चार जून को केरल पहुंचा और उत्तर की ओर बढ़ रहा है। अभी यह देश के अनुमानित 20-30 प्रतिशत हिस्से में पहुंच चुका है और 15 जुलाई के आसपास पूरे देश में इसके पहुंचने की उम्मीद है।