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वाराणसी में घटा गंगा का जलस्तर, नदी के बीच उभरे रेत के टीले, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भीषण गर्मी के बीच गंगा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। हालात ऐसे हैं कि नदी के बीचों-बीच रेत के बड़े-बड़े टीले दिखाई देने लगे हैं। गंगा की धारा में उभरे ये रेत के टीले पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. बी.डी. त्रिपाठी के अनुसार, गंगा का घटता जलस्तर आने वाले बड़े जल संकट का संकेत हो सकता है। उनका कहना है कि पनबिजली परियोजनाओं और सिंचाई के लिए बनाई गई लिफ्ट नहरों के कारण नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है, जिससे जलस्तर में कमी आई है।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण नदी के पानी का तापमान बढ़ रहा है। इसका सीधा असर गंगा के जलीय जीवों पर पड़ रहा है। साथ ही, पानी कम होने से नदी की प्रदूषकों को कम करने की क्षमता भी घट रही है, जिससे पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। गंगा नदी लाखों लोगों की जीवनरेखा मानी जाती है। ऐसे में इसके संरक्षण और निरंतर बहाव को बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ दीर्घकालिक उपायों पर जोर दे रहे हैं। इनमें वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग), भूजल स्तर में सुधार और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन जैसे कदम शामिल हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण वाराणसी में गंगा का घटता जलस्तर एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा को सुरक्षित और अविरल बनाए रखने के लिए सरकार, वैज्ञानिकों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे।