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Gujarat: 7 साल की प्रज्ञिका की शानदार शतरंज यात्रा, बड़ी बहन से मिली प्रेरणा, जीता स्वर्ण पदक

गुजरात के सूरत की रहने वाली प्रज्ञिका वाका ने सर्बिया में हुई 2025 एफआईडीआई वर्ल्ड स्कूल चैंपियनशिप में अंडर-7 लड़कियों की कैटेगरी में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता है। ये प्रतियोगिता 20 से 28 मार्च को व्रन्याच्का बान्या शहर में हुई थी। प्रज्ञिका ने सभी नौ मैच जीतकर पूरे नौ में नौ अंक हासिल किए। वे भारत की तरफ से सभी आयु वर्गों में इकलौती स्वर्ण पदक विजेता बनीं।

इस प्रतियोगिता में भारत के 22 बच्चों ने हिस्सा लिया। मुकाबले छह वर्गों में हुए – अंडर-7, अंडर-9, अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17। भारत को प्रज्ञिका के स्वर्ण के अलावा दो रजत पदक भी मिले। इनमें बिसेश दिवी ने अंडर-11 गर्ल्स कैटेगरी में और ओम ऐश गोटुमुक्ला ने अंडर-7 ओपन कैटेगरी में रजत पदक जीता।

प्रज्ञिका के पापा रामनाथ ने बताया, "प्रज्ञिका को शतरंज खेलने की दिलचस्पी अपनी बड़ी बहन वरन्या को देखकर हुई। वरन्या पहले से गुजरात की अच्छी शतरंज खिलाड़ी है।" उन्होंने कहा, "कोविड के समय प्रज्ञिका ने बहन को शतरंज खेलते देखा और तभी से उसने भी खेलना शुरू किया। सिर्फ डेढ़ साल में उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर ली, जो उसकी काबिलियत को दिखाता है।"

रामनाथ ने कहा, "वरन्या ने जिले और राज्य में खिताब जीते, लेकिन वे देश स्तर पर नहीं जीत पाई। वहीं, प्रज्ञिका ने राज्य में जीत दर्ज की, देश में दूसरा स्थान पाया और अब अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता है।"