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MP: जिसकी हत्या के आरोप में चार लोग काट रहे थे जेल, मंदसौर में डेढ़ साल बाद घर लौटी वो महिला

मध्य प्रदेश के मंदसौर के नावली गांव की रहने वाली ललिता बाई की हत्या के आरोप में चार लोग जेल में बंद थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या के आरोप में उन्हें जेल भेजा था। लेकिन 18 महीने बाद वो मृत मानी जाने वाली महिला घर लौट आई। इस घटना के बाद पुलिस और परिवार दोनों ही हैरान है। ललिता बाई ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख नाम के एक व्यक्ति के साथ भाग गई थी जिसने उसे पांच लाख रुपये में बेच दिया था।

ललिता ने कहा, "मैं शाहरुख के साथ भानपुरा गई थी। उसने मुझे करीब पांच लाख रुपये में दूसरे शाहरुख को बेच दिया। मैं डेढ़ साल तक कोटा में दूसरे शाहरुख के साथ रही। जैसे ही मुझे मौका मिला, मैं वहां से भाग गई।" महिला के वापस आने से पुलिस की जांच पड़ताल पर भी सवाल उठने लगे हैं।

एसपी मंदसौर अभिषेक आनंद ने कहा, "ललिता नाम की महिला 11 मार्च को थाने में आई थी। परिवार की तरफ से ललिता के रूप में शव की पहचान किए जाने के बाद झाबुआ जिले के थांदला थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।"

मंदसौर एसपी ने कहा कि अब थांदला पुलिस को चार लोगों के जेल में बंद होने की समस्या का समाधान करना है, क्योंकि हत्या हुई ही नहीं। एसपी अभिषेक आनंद ने कहा, "सभी आरोपी जेल में हैं। हमने थांदला पुलिस को सूचित कर दिया है कि महिला वापस आ गई है। थांदला पुलिस टीम मामले की आगे की जांच करेगी।" पुलिस के मुताबिक परिवार ने शव को ललिता का बताया था।

उसके पिता रमेश नानूराम बांछड़ा ने कहा- थांदला पुलिस थाने ने हमें एक वीडियो भेजा, हमें लगा कि जो शव मिला है, वो मेरी बेटी ललिता का है। उसके हाथ पर उसका नाम गुदवाया हुआ है और पैर पर काली डोरी बंधी हुई है। शव पर भी यही लिखा था। हमने शव को ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया और रस्में भी पूरी कर लीं।"