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ECI का ऐलान, मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को मिलेगा सवेतन अवकाश

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार को घोषणा की कि इस महीने होने वाले आम चुनावों और उपचुनावों के दौरान मतदान के दिन सभी कर्मचारियों, जिनमें दैनिक वेतनभोगी और अस्थायी कर्मचारी भी शामिल हैं, को सवेतन अवकाश मिलेगा। एक प्रेस नोट में आयोग ने कहा, “जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक प्रतिष्ठान या अन्य संस्थान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति, जो लोकसभा या राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभा या उपचुनाव में मतदान करने का पात्र है, उसे मतदान के दिन सवेतन अवकाश दिया जाएगा।”

यह घोषणा असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के चुनावों तथा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा के आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों पर लागू होगी। मतदान 9 अप्रैल को असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होगा; 23 अप्रैल को तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में; जबकि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल (पहला चरण) और 29 अप्रैल (दूसरा चरण) को मतदान कराया जाएगा।

आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदान के दिन वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर जुर्माना लगाया जाएगा। आयोग ने कहा, “इस सवेतन अवकाश के कारण किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। जो नियोक्ता इन प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, वह जुर्माने का भागी होगा।”

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि वे मतदाता (दैनिक और अस्थायी कर्मचारी सहित), जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर किसी औद्योगिक या व्यावसायिक संस्थान में कार्यरत हैं, लेकिन किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत मतदाता हैं, उन्हें भी मतदान करने के लिए सवेतन अवकाश का लाभ मिलेगा। निर्वाचन आयोग ने सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सरकारों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है, ताकि सभी मतदाता स्वतंत्र और सुविधाजनक तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इस बीच, आगामी विधानसभा और उपचुनावों के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।