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ड्रोन आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा, भारत का नया और असरदार हथियार

Drones India: अनमैंड एरियल वेहिकल्स या ड्रोन आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा हैं। पहलगाम में 26 अप्रैल को आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान समर्थित कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। खतरों को भांपने, निशाना साधने और जवानों का जोखिम कम करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। आज की तारीख में इंसानी संघर्ष से पहले अक्सर ड्रोन से युद्ध की बुनियाद रखी जाती है।

आधुनिक यूएवी सिर्फ कैमरों से लैस नहीं होते। उनमें उन्नत सेंसर लगे होते हैं। वे इंसानी आंखों से इतर भी देख सकते हैं। धुप्प अंधेरे में हो रही गतिविधियों को भी साफ-साफ पहचान सकते हैं। तापमान में बदलाव को पहचान सकते हैं और छिपे हुए लक्ष्य को दिखने-सुनाई देने से पहले ही पकड़ सकते हैं।

भारत पहले ड्रोन आयात करता था। अब देश में ही एआई समर्थिक आधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन बनने लगे हैं। ये यूएवी बिना जीपीएस के संचालित हो सकते हैं, वास्तविक समय में खतरों को पहचान सकते हैं और मुश्किल हालात में भी काम कर सकते हैं। लिहाजा ये आने वाले समय में सेना का अहम हिस्सा हैं।

सीमा पर निगरानी से लेकर भारी जोखिम वाले मिशन तक, यूएवी भारत की सैनिक रणनीति को नया आकार दे रहे हैं। तेजी से हो रही तकनीकी विकास के साथ, भारत की ड्रोन ताकत ज्यादा स्मार्ट, तेज और आत्मनिर्भर बन रही है और भविष्य में रणभूमि की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो रही है।