धाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून स्थित लोक भवन में उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे। सीएम धामी ने बिसेन को राज्यपाल बनने पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव से उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में बिसेन की नियुक्ति राज्य के लिए खुशी की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिसेन का जनसेवा के प्रति समर्पण और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति प्रतिबद्धता राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करेगी।
उत्तराखंड को बताया देवभूमि और वीरभूमि
शपथ लेने के बाद राज्यपाल धाल सिंह बिसेन ने उन्हें यह जिम्मेदारी देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि यह राज्य केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का केंद्र है। यहां चारों धाम के साथ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे पवित्र स्थल भी हैं।
बिसेन ने कहा कि उत्तराखंड अपने पर्यटन स्थलों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह वीरभूमि भी है, जहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों में सेवा देता है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर रहेगा जोर
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं सशक्त और प्रेरणादायक हैं। यहां के युवा, किसान और समाज के लोग मेहनती हैं और राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के रूप में उनकी प्राथमिकता संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और पद की गरिमा बनाए रखना होगा। राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और जनकल्याण से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि देवभूमि में शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करना उनका प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
मध्य प्रदेश में विधायक और मंत्री रह चुके हैं बिसेन
धाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में विधायक और कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया है। मंत्री रहते हुए उनके पास स्कूल शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे विभागों की जिम्मेदारी रही। इसके अलावा, उन्होंने मध्य प्रदेश चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।