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दिल्ली के रोहिणी इलाके में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण, AQI पहुंचा 416

दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से राहत नहीं मिल रही है। आज सुबह भी राजधानी प्रदूषण की चादर में लिपटी नजर आई। स्मॉग के कारण विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई। जिसके कारण सुबह के समय इंडिया गेट भी नजर नहीं आ रहा था। आज सुबह दिल्ली का औसत एक्यूआई 363 दर्ज किया गया, जिसे बेहद खराब की श्रेणी में माना जाता है। इस दौरान सबसे अधिक AQI रोहिणी में 416 दर्ज किया गया। बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के सभी सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है।

आज सुबह 7 बजे दिल्ली के चार सबसे प्रदूषित इलाके आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी और जहांगीरपुरी रहे। एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण से हाल बुरा है। नोएडा में आज सुबह 390 एक्यूआई रहा, जिसे बेहद खराब स्तर में माना जाता है। ग्रेटर नोएडा में भी 400 के करीब ही एक्यूआई रहा। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 382 अंक पर दर्ज हुई। गाजियाबाद में एक्यूआई 348 रहा। वहीं गुरुग्राम में गुरुग्राम में 311 और फरीदाबाद में 222 एक्यूआई दर्ज किया गया।

बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तीसरे चरण के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली सरकार के सभी कार्यालय और निजी प्रतिष्ठान 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करेंगे और बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। यह निर्देश पर्यावरण विभाग की ओर से पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा पांच के तहत जारी किया गया है जिसे दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों और राजधानी में संचालित निजी संस्थानों पर लागू किया है। अस्पताल, निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, अग्निशमन सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, जल एवं साफ-सफाई जैसी आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से छूट दी गई है।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को भी ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब रही। शहर का समग्र एक्यूआई 382 रहा, जबकि 15 निगरानी केंद्रों में सूचकांक 400 से ज्यादा रहा। सोमवार को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 पर पहुंच गया, जो लगातार 11वें दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। पर्यावरण विभाग ने कहा कि चूंकि वाहन शहर के प्रदूषण स्तर में बड़े पैमाने पर योगदान करते हैं, इसलिए यह महसूस किया गया कि वाहनों की आवाजाही पर और अधिक अंकुश लगाने की आवश्यकता है।