Breaking News

ईरान ने अमेरिका के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत बंद की     |   अगले 48 घंटे सावधान रहें: भारत सरकार का ईरान में रह रहे भारतीयों को संदेश     |   आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी: ट्रंप की ईरान को बड़ी धमकी     |   ईरान का पलटवार, इजरायल पर पहली बार बाइपॉड लॉन्चर्स से वार, शारजाह पर भी अटैक     |   ईरान: करज शहर में बिजली ठप, हमले में ट्रांसमिशन लाइनों पर गिरे प्रोजेक्टाइल     |  

RJD से अलग होने की तैयारी में कांग्रेस? पटना में आज बड़ी बैठक

बिहार चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी अब आत्ममंथन की तैयारी में जुट गई है. इसी कड़ी में आज पटना स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम करेंगे. यह बैठक चुनाव परिणामों के बाद पार्टी की पहली औपचारिक समीक्षा है. इसलिए सभी जिलाध्यक्षों, कार्यकारी जिलाध्यक्षों, विभागों, मोर्चा-सेल प्रभारियों तथा फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया गया है.

बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव में मिली हार का गहराई से विश्लेषण करना है. पार्टी नेतृत्व सभी नेताओं से उनके सुझाव और प्रतिक्रिया सुनेगा. यह समझने की कोशिश की जाएगी कि चुनाव प्रचार अथवा संगठन में कौन-कौन सी कमियां रह गईं और भविष्य में उनसे कैसे बचा जाए. इसके साथ ही संगठन को मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान को तेज करने और बूथ कमेटियों के गठन जैसे संगठनात्मक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा.

चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस ने कई बार कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाया था. आज की बैठक में इस विषय पर भी विस्तार से चर्चा होगी. इसी संदर्भ में 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ राष्ट्रीय विरोध रैली की तैयारियों पर भी रणनीति बनाई जाएगी. बिहार प्रदेश इकाई को इस रैली में बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि कुछ दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बिहार नेताओं की बैठक हुई थी. उस बैठक में कई बिहार कांग्रेस नेताओं ने राजद से अलग होने की मांग उठाई थी और पार्टी की हार का बड़ा कारण गठबंधन सहयोगी राजद को बताया था. अब पटना में होने वाली इस बैठक के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस 'अकेला चलो' की नीति पर आगे बढ़ने का संकेत देती है या फिर महागठबंधन में रहकर नई रणनीति तैयार करती है.

बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महागठबंधन के तहत 60 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी सिर्फ 6 सीटें ही जीत पाई. इस खराब प्रदर्शन ने पार्टी संगठन और नेतृत्व को गहरे सवालों के घेरे में ला दिया है. ऐसे में आज की बैठक न केवल समीक्षा का मंच है बल्कि कांग्रेस की भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम कदम भी साबित हो सकती है.