जनता दल (यू) के नेता और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने शुक्रवार को जनगणना 2027 के तहत सेल्फ-एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, “भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत बिहार में आज से सेल्फ-एन्यूमरेशन शुरू हो रहा है, जिसमें मैंने स्वयं को पंजीकृत किया।”
इधर, देशभर में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। ओडिशा के भुवनेश्वर समेत कई क्षेत्रों में सेल्फ-एन्यूमरेशन चरण पूरा होने के बाद अब डोर-टू-डोर डिजिटल सर्वे शुरू हो गया है। भुवनेश्वर की मेयर सुलोचना दास ने बताया कि 1 से 15 अप्रैल तक चले सेल्फ-एन्यूमरेशन में 2 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।
उन्होंने बताया कि फॉर्म में 33 सवाल शामिल थे और अब करीब 3,000 से अधिक एन्यूमरेटर घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन और नई सूचनाएं एकत्र कर रहे हैं। इस डेटा के आधार पर सरकार लोगों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को समझकर विकास योजनाएं तैयार करेगी। मेयर ने लोगों से अपील की कि वे सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि यह जनगणना देश के विकास की नींव बनेगी।
जनगणना 2027 भारत की 16वीं जनगणना होगी और आजादी के बाद आठवीं। पहली बार इसमें नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खुद जानकारी दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। यह जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है, जबकि दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस बार दूसरी चरण में जाति गणना भी शामिल की जाएगी, जिसमें सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे।