कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज इस्तीफा दे सकते हैं। वे बेंगलुरु में अपने घर पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग कर रहे हैं। चर्चा है कि सिद्धारमैया इस बैठक में मंत्रियों को अपने फैसले के बारे में बताएंगे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। हालांकि, राज्यपाल पारिवारिक कारणों के चलते बेंगलुरु से बाहर हैं। ऐसे में सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। उन्होंने इस्तीफा देने के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय मांगा था।
नियमानुसार राज्यपाल राज्य में मौजूद न हों तब भी मुख्यमंत्री लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल से या खुद जाकर दे सकते हैं। राज्यपाल बाद में उसे स्वीकार करते हैं। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा सीएम ही पद पर रहेंगे। कांग्रेस विधायक अशोक पत्तन के मुताबिक, डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसके साथ सरकार के मंत्रिमंडल में भी फेरबदल होगा। कैबिनेट में करीब 15 से 20 नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। कर्नाटक कांग्रेस इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला भी बेंगलुरु पहुंच गए हैं।
डीके शिवकुमार को शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा। कांग्रेस डीके के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। बिहार में NDA ने जिस तरह पूर्व सीएम नीतीश के बेटे को नई सरकार में मंत्री बनाया। उसी तरह सिद्धारमैया के बेटे को मंत्री बनाया जा सकता है। मई 2023 में जब कांग्रेस चुनाव जीती थी, तब सिद्धारमैया और डीके में सीएम पद को लेकर ठन गई थी। तब राहुल गांधी ने रोटेशनल सीएम फॉर्मूला तय किया था। अब सरकार के ढाई साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में डीके का दबाव चरम पर था। सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ को खत्म किया जा सकता है।
35 मंत्रियों में से करीब 25 हटाए जा सकते हैं। दो डिप्टी सीएम संभव हैं। एक पद किसी दलित चेहरे और दूसरा लिंगायत या ओबीसी नेता को मिल सकता है। 26 मई को सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे थे। दोनों नेताओं की मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के साथ 6 घंटे तक बैठक हुई। महासचिव वेणुगोपाल ने कहा था- जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) चुनावों पर चर्चा हुई।
पहले सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि अगर मुझे हटाया गया तो पार्टी टूटेगी, क्योंकि 50-60 विधायक मेरे साथ हटेंगे। मैं डीके शिवकुमार के नीचे काम नहीं करूंगा। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा 2023 से चल रही है। शिवकुमार के समर्थक विधायक कहते आ रहे हैं कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील हुई थी, लेकिन सिद्धारमैया समर्थक इसे नकारते आए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर 2025 को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ था। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे।