Gujarat: नेपाल निवासी अमित कुमार मिश्रा के लिए बेटे का जन्म खुशी की बजाय ब्लैडर एक्सट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारी की चुनौती बनकर आया, जिसमें मूत्राशय शरीर के बाहर होता है। नेपाल में इलाज न मिलने पर दो महीने के बच्चे को लेकर वे अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने सर्जरी से नया जीवन और मुस्कान की सौगात दी। आज उनका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। अब अमित मिश्रा और उनका परिवार अस्पताल को मंदिर और यहां के डॉक्टर को भगवान मानता है।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल का पीडियास्ट्रिक सर्जरी विभाग 2020 से ब्लैडर एक्सट्रॉफी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। यहां 17-23 जनवरी तक 18वीं इंटरनेशनल ब्लैडर एक्सस्ट्रॉफी वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 15 राज्यों से आए लगभग 125 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। इनमें गुजरात से 55, मध्य प्रदेश से 13, राजस्थान से 11, उत्तर प्रदेश से 9 और नेपाल से एक बच्चा शामिल है।
इस वर्कशॉप में अमेरिका, कनाडा और स्विटजरलैंड सहित 14 देशों के पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सभी डॉक्टर और विशेषज्ञ नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। यहां हर रोज 15-20 सर्जरी हो रही है। पिछले 18 वर्षों से अहमदाबाद सिविल अस्पताल मानवता की मिसाल बना हुआ है, जहां पूरी तरह नि:शुल्क वर्ल्ड क्लास इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।