देश भर में पिछले तीन दिनों से बैंक लगातार बंद हैं। आज इसे खुलना था तो बैंककर्मियों ने हड़ताल का आह्वान कर दिया है। हालांकि इसका असर प्राइवेट बैंक पर पड़ने की संभावना नहीं है। लेकिन, यदि आपका खाता सरकारी बैंकों (PSU Banks) में है तो आज आपको दिक्कत हो सकती है। इसकी वजह हम बता रहे हैं। सरकारी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी अपनी मांगों को लेकर आज देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि हफ्ते में पांच दिन काम करने (5 Day Working) का नियम तुरंत लागू किया जाए। इस नियम को बीमा क्षेत्र में लागू किया जा चुका है।
बैंक के आज की हड़ताल का आयोजन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने किया है। यह नौ बैंक यूनियनों का एक बड़ा समूह है, जिसमें बैंक के अधिकारी और कर्मचारी, सभी शामिल हैं। उनकी मांग पर सरकार की तरफ से कोई आश्वासन न मिलने के कारण यह हड़ताल हो रही है। 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ इस बारे में हुई बैठक भी बेनतीजा रही है।
बीते 24 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार था। इस वजह से बैंक में छुट्टी थी। उसके बाद 25 जनवरी को रविवार का अवकाश था। फिर सोमवार को 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के राष्ट्रीय अवकाश की वजह से बैंक बंद थे। अब 27 जनवरी को हड़ताल होने से लगातार चार दिनों तक बैंक शाखाओं के बंद रहने से लोगों को परेशानी हो सकती है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सी एच वेंकटचलम, जो UFBU का हिस्सा हैं, ने बताया, "समझौता कराने की कोशिशों के दौरान हमने विस्तार से बात की, लेकिन हमारी मांग पर कोई भरोसा नहीं मिला। इसलिए, हमें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।"
सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) आदि बैंकों में आज ब्रांच से जुड़े काम प्रभावित होंगे। इनमें पैसे जमा करना, निकालना, चेक क्लियर करना और दूसरे प्रशासनिक काम शामिल हैं। हड़ताल के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI और इंटरनेट बैंकिंग, चलती रहेंगी। हालांकि, ATM में कैश की उपलब्धता में थोड़ी दिक्कत आ सकती है, क्योंकि लगातार कई दिनों तक ब्रांच बंद होने से वहां तक कैश पहुंचाने में देरी हो सकती है।
देश में HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों में कामकाज पर ज्यादा असर पड़ने की आशंका कम ही है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन बैंकों के कर्मचारी इस यूनियन का हिस्सा नहीं हैं। वे इस हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे हैं। बैंक यूनियनें चाहती हैं कि केंद्र सरकार के अन्य दफ्तरों तथा बीमा क्षेत्र (Insurance Sector) की तरह उनके यहां भी हर शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए। उनका कहना है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने अभी तक इसे सरकारी आदेश के रूप में जारी नहीं किया है। उनका कहना है कि शनिवार को अवकाश घोषित करने से बैंक में काम के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा। बैंककर्मियों ने सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन 40 मिनट ज्यादा काम करने पर सहमति जताई है। इस समय महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक में छुट्टी रहती है जबकि महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं।