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हरियाणा में कांग्रेस का 'बजरंग बाण'! सियासी रंग में रंगे ये दो खिलाड़ी

एक समय पर जब पहलवान रेसलिंग फेडरेशन के खिलाफ लामबंद हुए थे तब वे सभी राजनीतिक पार्टियों से परहेज कर रहे थे. उनका कहना था कि वो आंदोलन के जरिए अपनी इस लड़ाई को आगे लेकर जाएगें और इंसाफ लेकर ही रहेंगे. लेकिन जब उन्हें लगा कि उन्हें न्याय इस पूरे मामले में नहीं मिला है तो धीरे-धीरे उनका रुख राजनीतिक पार्टियों की ओर जाते हुए देखा गया और तस्वीरें भी सामने आई. इसे लेकर बीजेपी की ओर से भी बार-बार इशारे किए गए कि इस सब के पीछे राजनीतिक मंशा है लेकिन जब विनेश फोगाट पेरिस आलंपिक के फाइनल से अयोग्य साबित होकर वापस भारत लौटी तो उनका स्वागत करने दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे तो इस पर कहीं न कहीं मुहर भी लगी.
 
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का बयान भी सामने आया कि कांग्रेस केवल स्वागत कर सकती हैं मगर असली सम्मान हम (बीजेपी) करते हैं क्योंकि जितना इनाम एक स्वर्ण पदक मिलने पर एक खिलाड़ी को दिया जाता है उतनी ही राशि विनेश फोगाट को सरकार की ओर से दी गई है.
         
विनेश और बजरंग कांग्रेस में शामिल 
विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने कांग्रेस का दामन थाम कर अपनी सियासी पारी का आगाज कर दिया है. दोनों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता गदगद हैं और पुरे आत्मविश्वास के साथ जीत का दम भी भर रहे हैं. इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों पहलवानों का कांग्रेस में आना पार्टी को मजबूती देगा जिसका सीधा असर विधानसभा चुनावों में दिखाई देगा और पार्टी को फायदा दिलाएगा.

साक्षी मलिक ने दी प्रतिक्रिया
पहलवान साक्षी मलिक भी शुरूआत से ही लगातार पहलवानों की ओर से किए जा रहे आंदोलन से जुड़ी रही हैं लेकिन वो अभी भी यही मानती हैं कि वे अपने आंदोलन और अपनी लड़ाई को अराजनीतिक रखना चाहती हैं. उन्होंने ये भी बताया कि उनके पास भी कई पार्टियों के ऑफर आए थे लेकिन उन्होंने सबसे किनारा कर लिया. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का राजनीति में आना उनका खुद का निजी फैसला है. लेकिन ये बात भी साफ जाहिर हो रही है कि विनेश और बजरंग का सियासी रंग में रंगना साक्षी को ज्यादा पसंद नही आ रहा है.