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Andhra Pradesh: प्रकाशम जिले का एक गांव, होती है चमगादड़ों की पूजा, सुख-शांति का प्रतीक हैं निशाचर

Andhra Pradesh: ये बैटमैन का गोथम सिटी नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश का एक गांव है, जहां चमगादड़ों को रक्षक देवदूत के रूप में पूजा जाता है। प्रकाशम जिले के वट्टिवेपमनुपल्ले गांव की सुबह मुर्गों की बांग से शुरू नहीं होती। दिन की शुरुआत ऊंचे पेड़ों से उल्टे लटके हजारों चमगादड़ों की चहचहाहट से होती है।

गांव वाले मानते हैं कि चमगादड़ों की वजह से इस गांव में कभी पानी की कमी नहीं हुई और यहां की खेती हमेशा समृद्ध रही, जबकि पड़ोसी गांवों को भीषण गर्मी में भारी संघर्ष करना पड़ता है।

आम चिड़ियों की तरह बेशक चमगादड़ सुबह का स्वागत न करते हों, लेकिन आंध्र प्रदेश के इस गांव में उनकी चहचहाहट आस्था, समृद्धि और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का प्रतीक है। ये इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि इंसान और जानवर एक साथ फल-फूल सकते हैं।