केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’ मिलने पर बधाई दी। उन्होंने पुलिस बल के साहस, मेहनत, सेवा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान किसी भी अनुशासित बल के इतिहास का सबसे गौरवपूर्ण क्षण होता है। पुडुचेरी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पुडुचेरी पुलिस को यह सम्मान सिर्फ किसी सरकारी आदेश के आधार पर नहीं मिला है, बल्कि पुलिसकर्मियों ने अपनी मेहनत, वीरता, सेवा और समर्पण के दम पर इसे हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि पुडुचेरी पुलिस में 5,000 से कम जवान हैं, लेकिन इसके बावजूद यह बल क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करने के साथ-साथ पुडुचेरी की आध्यात्मिक विरासत को भी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमित शाह ने कहा कि पुडुचेरी पुलिस की बहादुरी, समर्पण और सेवा भावना उसके इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का साहस और समर्पण लंबे समय तक याद किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान पुडुचेरी पुलिस की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी जैसी बड़ी चुनौती का सामना कर रही थी, तब पुडुचेरी पुलिस ने लोगों की सेवा में आगे रहकर काम किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने महामारी से प्रभावित बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं समेत आम लोगों की मदद की और मुश्किल समय में साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
अमित शाह ने कहा कि करीब 30 वर्षों तक फ्रांसीसी प्रशासन के अधीन रहने के बावजूद पुडुचेरी ने अपनी भारतीय पहचान और आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाए रखा है। उन्होंने पुडुचेरी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की भी सराहना की। गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए आपराधिक कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ब्रिटिश दौर के कानूनों को बदलकर तीन नए भारतीय आपराधिक कानून लागू किए हैं। अमित शाह के अनुसार, इन नए कानूनों का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून ‘टेक्नोलॉजी, टाइमलाइन और ट्रस्ट’ यानी तकनीक, समयसीमा और विश्वास के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित हैं।