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शंभू और खनौरी बॉर्डर खुलने से यात्रियों ने ली राहत की सांस, किसानों ने किया प्रदर्शन

Shambhu Border: वीरान पड़े टेंट, खाली पड़ा धरना स्थल और भारी पुलिस बल की मौजूदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि पंजाब पुलिस ने खनौरी बॉर्डर को खाली करा लिया है। इस सड़क पर एक साल से भी ज़्यादा समय से प्रदर्शनकारियों का कब्जा था। खनौरी के अलावा शंभू बॉर्डर पर भी पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करके रोड को खाली करा लिया जहां पर किसानों ने अपने शिविर लगा रखे थे और अब वहां पर यातायात शुरू कर दिया गया है।

पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद हरियाणा सरकार ने भी फरवरी 2024 से किसानों को रोकने के लिए बने सीमेंट के बैरिकेड्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है ताकि सड़क पर आवाजाही फिर से शुरू हो सके। इन दोनों बॉर्डर्स पर यातायात शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि नाकाबंदी की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। 

पंजाब पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लिया और शंभू और अंबाला को जोड़ने वाली  सड़क से उनके द्वारा बनाए गए अस्थाई टेंटों को हटा दिया। हालांकि गुरुवार को पुलिस की कार्रवाई का विरोध भी पंजाब के कई शहरों में देखने को मिला, किसानों ने पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक)  और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसान पिछले साल 13 फरवरी से ही पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर अपना डेरा डाले हुए थे, जब सुरक्षा बलों ने दिल्ली की ओर उनके मार्च को रोक दिया था। किसान फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित कई और मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।