Breaking News

एकता-विविधता भारत के डीएनए में है, मैडिसन स्क्वायर में बोले मोहन भागवत     |   किश्तवाड़ में छात्रा से दुष्कर्म मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई     |   CM मोहन यादव ने सतना-रीवा में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया     |   ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी मददगार अफगान के रिश्तेदार को सेंट्रल अफ्रीकी गणराज्य भेजा     |   नेपाल के कई जिलों में भोटे कोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी     |  

पंजाब के मोहाली में कबड्डी खिलाड़ी की टूर्नामेंट के बीच गोली मारकर हत्या

मोहाली में एक टूर्नामेंट में भाग लेने आए 30 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से घायल राणा को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि यह घटना मोहाली के सोहाना में हुई जहां पिछले कुछ दिनों से एक निजी कबड्डी टूर्नामेंट हो रहा था।

अस्पताल के बयान के अनुसार, राणा को शाम 6:05 बजे गोली लगने की चोटों के साथ लाया गया और यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एसएसपी ने बताया कि दो-तीन हमलावर घटना के बाद मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। मामले की जांच जारी है। चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों ने प्रशंसक होने का स्वांग रचा और सेल्फी लेने के बहाने राणा के पास आकर गोलीबारी शुरू कर दी। यह टूर्नामेंट दर्शकों से खचाखच भरे मैदान में हो रहा था, जहां पंजाबी गायक मनकीरत औलख भी आने वाले थे।

चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने दर्शकों को डराने के लिए हवा में भी गोलियां चलाईं। इस हत्या ने तीन साल पहले संदीप नागल और हाल ही में तेजा सिंह की हत्या की यादें ताजा कर दी हैं। विपक्षी कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना पर भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए राज्य में कानून और व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने का आरोप लगाया।

कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे सरकार की घोर विफलता बताया, जबकि शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अपराधियों के बढ़े मनोबल के लिए मुख्यमंत्री की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि आज राज्य इतना असुरक्षित हो गया है कि अब कबड्डी के मैदान भी गोलियों से सुरक्षित नहीं रहे हैं।