Madhya Pradesh: एक नए योग गुरु आ गए हैं, लेकिन इनका अंदाज जरा हट के है। ये ऐसे गुरु नहीं जिनकी दाढ़ी लंबी हो या बाल लंबे हों, और न ही ऐसे जिन्होंने लंबे-चौड़े कपड़े पहने हों। ये अनोखे गुरु एक कंप्यूटर स्क्रीन पर 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट' के रूप में मौजूद हैं।
योग करने वालों को अब अपने आसनों में होने वाली छोटी से छोटी गलतियों को लेकर भी सावधान रहना पड़ सकता है। यह दावा मध्य प्रदेश के इंदौर के 'श्री गोविंदराम सेक्सरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस' के शोधकर्ताओं ने किया है।
उन्होंने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिसे वे 'योग एआई कोच' कहते हैं। यह गुरु 'डीप लर्निंग' और एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, शरीर के कोणों और योग आसनों का एकदम सही विश्लेषण करता है- और वो भी उसी समय यानी रियल टाइम में।
यह तुरंत गलतियों को पकड़ सकता है, यहां तक कि अगर हाथ की स्थिति में एक डिग्री का भी फर्क हो, तो उसे भी बता सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे योग सीखना सचमुच फायदेमंद साबित होगा। योग ट्रेनर कम से कम मौजूदा वक्त के लिए एआई एजेंट को उपयोगी मानते हैं। उनके मुताबिक इसने इंसानों के मुकाबले सही मुद्राओं को ज्यादा सटीक तरीके से पहचानने की अपनी क्षमता साबित की है।
जो लोग योग सीख रहे हैं, उन्हें भी योग एआई कोच काफी मददगार लगता है। एआई मॉडल सीख रहा है और बेहतर हो रहा है। तो सवाल ये है कि क्या यह असली योग प्रशिक्षकों की नौकरी के लिए खतरा बन जाएगा और उनकी जगह ले लेगा? इसका जवाब है- शायद जल्दी नहीं। लेकिन असल में कौन बता सकता है? रिसर्च टीम का कहना है कि भविष्य के प्लान में जिम वर्कआउट पोजीशन को मॉनिटर करने के लिए टेक्नोलॉजी को बढ़ाना भी शामिल है।