उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य बनाने और लोगों को मच्छरजनित व संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए योगी सरकार ने सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर दिया है। इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम ने बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, जलनिकासी और एंटी लार्वा छिड़काव का अभियान तेज करने की तैयारी की है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-3 के जोनल कार्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में जोन-3 और जोन-6 के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर कम होने के बाद की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से पानी उतर चुका है, वहां मड पंप लगाकर गाद और कीचड़ हटाया जाए। साथ ही गलियों और नालियों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
जीआईएस मैपिंग के आधार पर तैयार हुई कार्ययोजना

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए नगर निगम ने जीआईएस मैपिंग के आधार पर सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार की है। प्रभावित इलाकों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

अभियान में इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही गलियों में सफाई कार्यों की निगरानी के लिए सुपरवाइजर तैनात किए जा रहे हैं, ताकि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा सके।
400 से 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की होगी तैनाती

बड़े पैमाने पर सफाई कार्यों को पूरा करने के लिए नगर निगम के अन्य जोनों से भी अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए जाएंगे। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, प्रभावित इलाकों में अभियान चलाने के लिए करीब 400 से 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। संबंधित एजेंसियों को आवश्यक मानवबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जलस्तर कम होने के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी को हटाकर लोगों को राहत पहुंचाना है।
70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव

जलभराव के बाद मच्छरों के प्रजनन और उनसे होने वाली बीमारियों की आशंका को कम करने के लिए नगर निगम ने ड्रोन से एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया है। जोन-3 और जोन-6 में कुल 70 एकड़ क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई।

जोन-3 के फैजुल्लागंज में 44 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से दवा का छिड़काव किया गया। घैला रोड पर टैंकर के माध्यम से भी छिड़काव कराया गया। दाउदनगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग का छिड़काव करने के साथ सफाई और झाड़ियों की कटाई की गई। गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में भी ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। मामा कॉलोनी और पुराने दाउदनगर में पानी उतरने के बाद सूख चुकी गलियों में ब्लीचिंग का छिड़काव, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई की गई।
जोन-6 में भी सफाई और जलनिकासी पर जोर

जोन-6 के सैथा में 18 एकड़ और हयात नगर में 8 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। इस तरह जोन-6 में कुल 26 एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया।

हयात नगर, सैथा, टांड़खेड़ा और दौलतखेड़ा में जलभराव वाले क्षेत्रों और पानी के किनारे ब्लीचिंग पाउडर, चूने तथा एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। हरि नगर और मिश्री की बगिया में भी सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्य किए गए। वहीं, हयात नगर और दौलतखेड़ा में सड़क किनारे की नालियों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया।
बाढ़ के बाद बीमारियों की आशंका कम करने की तैयारी

बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा गंदगी, कीचड़ और मच्छरों के प्रजनन की आशंका को देखते हुए नगर निगम सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्यों पर विशेष ध्यान दे रहा है। एंटी लार्वा के छिड़काव के साथ ब्लीचिंग पाउडर, चूने और सोडियम हाइपोक्लोराइट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नगर निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति के अनुसार सफाई, नालियों की सफाई और जलनिकासी से जुड़े कार्य कर रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बाढ़ के बाद स्वच्छता बनाए रखना, जलभराव की समस्या कम करना और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को नियंत्रित करने में मदद करना है।