मुरादाबाद में ‘यूपी राइज 2026’ सम्मेलन का आयोजन तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU) में हुआ। प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की सहभागिता में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप आइडिया और बिजनेस मॉडल पेश किए। प्रतियोगिता में 100 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से तीन चरणों की स्क्रीनिंग के बाद 15 टीमें फाइनल राउंड तक पहुंचीं।

कड़े तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन स्टार्टअप्स को विजेता चुना गया। पहला और दूसरा स्थान डेंटल कॉलेज की टीमों ने हासिल किया, जबकि तीसरा स्थान कंप्यूटर साइंस के छात्रों की टीम को मिला। विजेता टीम को 25 हजार रुपये का चेक दिया गया।
‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने जीता पहला पुरस्कार
डेंटल कॉलेज की टीम ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने पहला स्थान हासिल किया। टीम को 25 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया। टीम ने जीभ की सफाई के लिए पानी के नियंत्रित दबाव पर आधारित एक प्रोटोटाइप तैयार किया है।
टीम के अनुसार, दांतों की सफाई के साथ जीभ की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है। जीभ पर जमा परत मुंह की दुर्गंध और कुछ फंगल समस्याओं का कारण बन सकती है। टीम पिछले एक साल से इस प्रोटोटाइप पर काम कर रही है।
‘सॉकेट सेवर्स’ दूसरे स्थान पर

डेंटल कॉलेज की समर्पिता गाबा और आशिका जैन की टीम ‘सॉकेट सेवर्स’ ने दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने दांत निकालने के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए एक विशेष इंजेक्शन तकनीक का मॉडल पेश किया।
टीम का दावा है कि इस तकनीक से दांत निकालने के दौरान ज्यादा यांत्रिक खिंचाव की जरूरत कम हो सकती है। टीम आगे क्लिनिकल ट्रायल पूरा करने और स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की दिशा में काम करना चाहती है।
‘टीम वास्तव’ का SOS सिस्टम तीसरे स्थान पर

कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज के तन्मय, विनीत, कार्तिक और नमन की ‘टीम वास्तव’ तीसरे स्थान पर रही। टीम ने सड़क हादसों में घायल मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री तुरंत अस्पताल तक पहुंचाने के लिए SOS सिस्टम विकसित किया है।
टीम के अनुसार, हादसे में मरीज के बेहोश होने की स्थिति में डॉक्टरों को उसकी मेडिकल हिस्ट्री और एलर्जी जैसी जरूरी जानकारी नहीं मिल पाती। SOS नंबर पर कॉल करने के बाद संबंधित अस्पताल को मरीज के ब्लड ग्रुप, उम्र और मेडिकल हिस्ट्री का सारांश उपलब्ध कराने की योजना है। टीम जल्द इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है।
16 हजार से ज्यादा छात्रों वाले TMU में आयोजन
TMU के कुलपति डॉ. वी.के. जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय में 16 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। प्रतियोगिता में शामिल जजों के पैनल में स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के आइडिया की उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं के आधार पर मूल्यांकन किया।
‘शक्ति क्षेत्र’ में युवाओं ने साझा किए विचार

कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए ‘शक्ति क्षेत्र’ भी बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार साझा किए।
आयोजन के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं और गतिविधियां भी हुईं। इनमें भाग लेने वाले विद्यार्थियों को किट, उपहार और प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। सम्मेलन के जरिए युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित किया गया।