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UP: दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे मिलेंगी इमरजेंसी सेवाएं

उत्तर प्रदेश में दीपावली और छठ पूजा के दौरान लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने विशेष तैयारी की है। त्योहारों के दौरान आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों की आशंका को देखते हुए प्रदेश के सभी राजकीय और स्वशासी मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रहेंगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण नेहा शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी से लेकर दवाओं, ऑक्सीजन और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता तक सुनिश्चित करने को कहा गया है।

24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

सभी मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी विभाग, ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू, बर्न यूनिट, एनेस्थीसिया, सर्जरी और ऑपरेशन थिएटर को चौबीसों घंटे चालू रखा जाएगा। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का तत्काल परीक्षण और जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार किया जाएगा। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने के साथ अतिरिक्त बेड और चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था भी की जाएगी।

डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की रहेगी तैनाती

त्योहारों के दौरान इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर, आईसीयू, बर्न यूनिट, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभागों के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाएगा। सभी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया जाएगा।

दवाओं और जीवनरक्षक उपकरणों की होगी जांच

अस्पतालों में जरूरी दवाओं, इंजेक्शन, ड्रेसिंग सामग्री और आपातकालीन उपचार किट की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाएगी। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और सक्शन मशीन जैसे जीवनरक्षक उपकरणों की जांच कर उन्हें चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लड बैंक में रक्त और रक्त अवयवों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

गंभीर मरीजों के लिए प्रभावी होगी रेफरल व्यवस्था

यदि किसी गंभीर मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान में भेजने की जरूरत पड़ती है तो इसके लिए पहले से समन्वय रखा जाएगा। मरीज को एम्बुलेंस और जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उसे दूसरे अस्पताल पहुंचाने में देरी न हो।

आगजनी और सड़क दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारी

मेडिकल कॉलेजों में इमरजेंसी, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, ऑक्सीजन प्लांट, विद्युत पैनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच होगी। फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरणों को चालू रखने के साथ अस्पतालों के निकास मार्ग और सीढ़ियों को भी खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सामूहिक दुर्घटना की स्थिति में तैयार रहेंगे अस्पताल

बड़ी संख्या में घायलों के एक साथ अस्पताल पहुंचने, सड़क हादसों, आगजनी और भगदड़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज अपनी आपदा प्रबंधन योजना को अपडेट करेंगे। ट्रायेज व्यवस्था के तहत घायलों की स्थिति के अनुसार उपचार की प्राथमिकता तय की जाएगी, जिससे गंभीर मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

स्वच्छता और ऑक्सीजन आपूर्ति पर भी नजर

अस्पतालों में साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, पेयजल, बिजली, बैकअप पावर और ऑक्सीजन आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाएगी। बर्न यूनिट, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

महानिदेशक ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों, निदेशकों और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो ड्यूटी रोस्टर और चिकित्सा संसाधनों की निगरानी करेंगे। निर्देशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। योगी सरकार का उद्देश्य है कि दीपावली और छठ पूजा के दौरान प्रदेश के किसी भी नागरिक को आपात चिकित्सा सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े और हर जरूरतमंद को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।