जम्मू-कश्मीर के शोपियां में पुलिस ने आतंकी फंडिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए 10 संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकी संगठनों से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच के बाद की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की गतिविधियों के लिए कथित तौर पर आर्थिक मदद जुटा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान विभिन्न डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन का विश्लेषण किया गया। इसके बाद पैसों के लेन-देन की कई परतों का पता लगाया गया, जिससे आतंकी फंडिंग से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस नेटवर्क में शामिल लोगों के अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों और उनके सहयोगियों से संपर्क होने की बात भी सामने आई है।
10 संदिग्ध आतंकी सहयोगी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओवैस शफी नाइकू, तजामुल अहमद शाह, मोइज इकबाल, इमदाद यूसुफ गनी, साकिब जाहूर वानी, आमिर अहमद गनी, फिरदौस ठोकर, लियाकत नजीर लोन, मोहम्मद हनीफ और काजू के रूप में की है। इस मामले में शोपियां पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 231/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
लश्कर और टीआरएफ तक पहुंचाया जा रहा था पैसा
शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर आम लोगों से गुप्त रूप से धन एकत्र करते थे। इसके बाद स्थापित वित्तीय नेटवर्क के माध्यम से इस रकम को आतंकी संगठनों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस का आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में किया जा रहा था।
इसके अलावा आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी इस रकम का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। इसमें स्मार्टफोन जैसे उपकरण उपलब्ध कराना भी शामिल है।
अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और वित्तीय लेन-देन की अतिरिक्त कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मॉड्यूल के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों से इसका संपर्क किस स्तर तक था। पुलिस ने इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है।
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर की है। इसका उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क और अवैध वित्तीय माध्यमों को खत्म करना है।
आतंक की फंडिंग पर सख्ती की भारत की अपील
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के हर रूप को खत्म करने और उसकी फंडिंग पर प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है। बुधवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत आतंकवाद और सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता पर कायम है। उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में भारत की भागीदारी से जुड़ी जानकारी बाद में साझा की जाएगी।