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अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला, बोले- अयोध्या से चुनाव लड़े तो जब्त हो जाएगी जमानत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। राजभर ने उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र जहूराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी।

राजभर ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने परियोजना की लागत बढ़ने और उसके अधूरे रहने पर सवाल उठाए। साथ ही, जेपीएनआईसी को 30 साल की लीज पर देने और उसे बेचने के आरोपों के बीच अंतर समझने की बात कही।

'अयोध्या से डर है तो जहूराबाद से लड़ें चुनाव'

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। अब अखिलेश यादव को भी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए।

राजभर ने दावा किया कि अयोध्या से चुनाव लड़ने पर अखिलेश यादव की जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो उनके विधानसभा क्षेत्र जहूराबाद से मुकाबला कर सकते हैं।

जेपीएनआईसी की लागत पर उठाए सवाल

जेपीएनआईसी को लेकर राजभर ने कहा कि परियोजना की शुरुआती लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, जो समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बढ़कर 865 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसके बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी।

उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान की संचालन समिति में आठ में से सात सदस्य अखिलेश यादव के करीबी थे और सपा प्रमुख खुद भी इससे जुड़े थे। राजभर ने संस्थान के होटल, क्लब और आय के दूसरे स्रोतों पर अखिलेश यादव और उनके परिवार के प्रभाव का भी आरोप लगाया।

'लीज पर देना और बेचना अलग-अलग बातें हैं'

जेपीएनआईसी को बेचने के आरोपों पर पलटवार करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस केंद्र को 30 साल की लीज पर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि लीज पर देने और संपत्ति बेचने के बीच अंतर को लेकर अखिलेश यादव का रुख क्या है।

राजभर ने सपा प्रमुख से जेपीएनआईसी की लागत बढ़ने और परियोजना अधूरी रहने के बारे में भी जवाब मांगा। ये आरोप और आंकड़े राजभर के बयानों पर आधारित हैं।

दिल्ली प्रदर्शन पर अखिलेश के बयान को लेकर भी निशाना

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित छेड़छाड़ और उत्तर प्रदेश के लोगों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा प्रमुख से अपने पांच साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल का हिसाब देने को कहा।

राजभर ने सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करेगा तो क्या पुलिस उस पर फूल बरसाएगी? उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपनी और देश की सुरक्षा करना भी है। ओम प्रकाश राजभर के इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश में सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।