राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पंजाब में शंभू और राजपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे लाइन पर हुए विस्फोट के मामले में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह धमाका 27 अप्रैल को हुआ था, जिसमें विस्फोटक जोड़ते समय खालिस्तानी ऑपरेटिव जग रूप सिंह की मौत हो गई थी।
NIA ने शनिवार को मोहाली की विशेष अदालत में गुरजिंदर सिंह उर्फ बिएंत बाबा, सतनाम सिंह, प्रदीप सिंह उर्फ खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और मनजीत सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़ी साजिश का आरोप
NIA के मुताबिक, आरोपी 27 अप्रैल को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) की शंभू-राजपुरा रेलवे लाइन पर हुए धमाके की साजिश में शामिल थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस साजिश का मकसद प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) की आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना और पंजाब में कानून-व्यवस्था को अस्थिर करना था।
पाकिस्तान में बैठे रंजीत सिंह उर्फ नीता पर साजिश रचने का आरोप
NIA की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी और मृतक आरोपी जग रूप सिंह कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे रंजीत सिंह उर्फ नीता की ओर से रची गई साजिश का हिस्सा थे। एजेंसी के अनुसार, नीता खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़ा है और उसे नामित आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।जांच एजेंसी का कहना है कि इस साजिश का उद्देश्य खालिस्तानी विचारधारा को बढ़ावा देना और आतंकी संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाना था।
विस्फोटक और हथियार जुटाने का भी आरोप
NIA के अनुसार, इस आतंकी नेटवर्क पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, विस्फोटक और हथियार खरीदने, लोगों में डर पैदा करने तथा देश की अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने के आरोप हैं।
छहों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, रेलवे अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। NIA ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।