मुंबई के साकीनाका इलाके में खुले मैनहोल में गिरकर एक व्यक्ति की मौत के मामले में मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया है। उन्होंने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि भारी बारिश और रेड अलर्ट के दौरान मैनहोल खोलकर उस पर सुरक्षा ग्रिल लगाने का काम करना प्रशासन की गलती थी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण सड़क पर भरे पानी में राहगीरों के लिए खुले मैनहोल को देख पाना संभव नहीं था।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मानसून शुरू होने से पहले सभी मैनहोल पर सुरक्षा ग्रिल लगाने का काम पूरा कर लिया जाए, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। मेयर ने मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वार्ड अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मामला दर्ज किया जाए।
इससे पहले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मामले की जांच पूरी होने तक 'एल' वार्ड के सहायक आयुक्त समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मृतक की पहचान 60 वर्षीय असलम इसाक शेख के रूप में हुई है, जो साकीनाका के यादव नगर के निवासी थे। यह हादसा खैरानी रोड पर उस समय हुआ, जब जल निकासी ग्रिल की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान असलम खुले मैनहोल में गिर गए और उनकी मौत हो गई।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के निर्देश पर अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए बीएमसी ने आदेश दिया है कि मैनहोल से जुड़े सभी कार्यों के दौरान चारों ओर बैरिकेडिंग करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अगले आठ दिनों के भीतर शहर के सभी मैनहोल का 100 प्रतिशत निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।