मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक कानून (लॉ) के छात्र को कथित तौर पर फर्जी NEET परीक्षा प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को गुमराह कर करीब 25 हजार से 30 हजार रुपये की कमाई की थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है, जो लसूड़िया क्षेत्र का निवासी और प्रथम वर्ष का लॉ छात्र है। जांच में सामने आया है कि उसने ChatGPT की मदद से फर्जी NEET प्रश्नपत्र तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से बेचने का काम किया।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 50 से 100 रुपये तक वसूलता था। उसने करीब 22 से 25 लोगों को ये फर्जी प्रश्नपत्र बेचे और इस तरह 25 हजार से 30 हजार रुपये तक की कमाई की। डीसीपी त्रिपाठी ने कहा, "अक्षय मालवीय नामक युवक, जो प्रथम वर्ष का लॉ छात्र है, ने ChatGPT का उपयोग कर फर्जी NEET प्रश्नपत्र तैयार किए। उसने इंस्टाग्राम के माध्यम से इन्हें 22-23 लोगों तक पहुंचाया और उनसे 50 से 100 रुपये प्रति प्रश्नपत्र के हिसाब से पैसे लिए। लोगों में भ्रम फैलाने और आर्थिक लाभ के लिए फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करने के कारण उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।"
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी कर संपत्ति प्राप्त करना) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही थी। इसी दौरान मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा बेचे गए फर्जी प्रश्नपत्रों का 21 जून को आयोजित NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से कोई संबंध नहीं है।
NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा रविवार को देशभर और विदेशों के 14 केंद्रों पर संपन्न हुई। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस परीक्षा में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा भारत के 5,440 केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर हिंदी और अंग्रेजी समेत 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी।