कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। खड़गे ने कहा कि अगर सरकार मानसून सत्र में संशोधित विधेयक दोबारा पेश करना चाहती है, तो उससे पहले सभी दलों को प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
यह विधेयक महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन से जुड़ा है। इसे 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका। विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया।
खड़गे ने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने मार्च और अप्रैल में भी संसदीय कार्य मंत्री से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई। अब यदि सरकार संशोधित विधेयक लाने जा रही है, तो पहले सभी दलों से चर्चा की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यदि सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक फिर से लाती है, तो कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों को साथ लेकर चलने की कोशिश करेगी।
वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि उनकी पार्टी इस विधेयक का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें गलत और केवल अटकलों पर आधारित हैं। प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 तक करने का प्रावधान है।