1. जियो प्लेटफॉर्म्स ने हासिल किया एक और बड़ा मुकाम, 2020 में 13 रणनीतिक और प्राइवेट इक्विटी निवेशकों से 20 अरब डॉलर जुटाने के बाद अब IPO के जरिए सार्वजनिक बाजार से सबसे बड़ी रकम जुटाने का रिकॉर्ड बनाया।
2. जियो IPO ने तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड
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₹30,188 करोड़ के कुल निर्गम आकार के साथ भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO।
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एंकर और सार्वजनिक बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के दौरान ₹7.4 लाख करोड़ (78 अरब डॉलर) की अब तक की सबसे बड़ी कुल मांग।
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भारतीय IPO इतिहास में सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाला निर्गम, खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्राइब हुआ।
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₹5,500 करोड़ का QIB हिस्सा पहले 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
3. भारत के शीर्ष पांच सबसे बड़े IPO में शामिल एकमात्र निर्गम, जिसमें सभी निवेशक श्रेणियों में कम से कम दो गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।
4. हाल के बड़े IPO में सभी निवेशक श्रेणियों से रिकॉर्ड मांग
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QIB (एंकर निवेशकों को छोड़कर): ₹3.87 लाख करोड़
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HNI: ₹57,000 करोड़
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रिटेल निवेशक: ₹26,000 करोड़
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कर्मचारी: ₹1,450 करोड़
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शेयरधारक: ₹19,000 करोड़
5. जियो IPO से रिलायंस समूह के खुदरा और पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के साथ मजबूत रिश्ते और गहरे हुए, कुल आवेदन लगभग 1.4 करोड़ तक पहुंचे।
6. वैश्विक शेयर बाजारों में उथल-पुथल के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स वैश्विक पूंजी के लिए आकर्षण का केंद्र बना। चालू वर्ष में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की 33 अरब डॉलर की कुल बिकवाली और निफ्टी 50 सूचकांक में लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद जियो IPO को 78 अरब डॉलर की कुल मांग मिली।
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जियो IPO में निवेश के लिए विदेशी निवेशकों द्वारा डॉलर को रुपये में बदलने से डॉलर की अतिरिक्त आपूर्ति हुई, जिससे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच रुपये को समर्थन मिला।
7. IPO के समय 100 अरब डॉलर से अधिक का इक्विटी मूल्यांकन हासिल करने वाली दुनिया की चौथी कंपनी बनने की राह पर जियो प्लेटफॉर्म्स। इसके साथ मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स जैसी संस्थापक-नेतृत्व वाली कंपनियों के चुनिंदा समूह में शामिल होने की संभावना है।
8. IPO के इश्यू प्राइस पर ₹10.3 लाख करोड़ के अनुमानित बाजार पूंजीकरण के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की शीर्ष तीन सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल होने की ओर अग्रसर। यह भारत में किसी भी नई सूचीबद्ध कंपनी की सबसे शानदार शुरुआत होगी।
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जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद रिलायंस समूह कुल सूचीबद्ध बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारत का सबसे बड़ा सूचीबद्ध कारोबारी समूह बन जाएगा।

