केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। कभी अपराध से जुड़ी गतिविधियों के लिए चर्चा में रहने वाले प्रदेश में अब डिफेंस कॉरिडोर, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे उद्योग विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश का केंद्र बनकर देश के विकास इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
अमित शाह शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और बुनियादी ढांचे में बदलाव के कारण प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है।
निवेश के केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा यूपी
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013 में लखनऊ में औद्योगिक निवेश सम्मेलन आयोजित करने के बजाय इसे दिल्ली में करना पड़ा था। उस समय अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को इसकी वजह बताया था। आज उत्तर प्रदेश निवेश के केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीति, सक्रिय सरकार और उद्योगों को सुविधाएं देने वाली व्यवस्था जरूरी है। उत्तर प्रदेश में इन क्षेत्रों में बदलाव आया है और इसी दिशा में प्रदेश ने वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है।
छह नोड में विकसित हो रहा डिफेंस कॉरिडोर
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड विकसित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादों के निर्यात में 56 गुना वृद्धि हुई है और भारत के रक्षा उत्पाद करीब 80 देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अमित शाह ने अमेठी में निर्मित एके-203 राइफल समेत प्रदेश में हो रहे रक्षा उत्पादन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुकूल नीतियों के जरिए राज्य में निवेश को सुविधाजनक बनाया गया है।
ओडीओपी से स्थानीय उत्पादों को मिला बाजार
अमित शाह ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प को बाजार से जोड़ने में भूमिका निभाई है। इससे स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश में पहचान मिल रही है।
उन्होंने भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की रेशमी साड़ी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उत्पादों के साथ वाराणसी की मलाईयो, तिरंगा बर्फी, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और मेरठ की गजक जैसे स्थानीय उत्पादों को भी बड़े बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं हैं।
यूपीआईटीएस से बढ़ेंगे कारोबारी अवसर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देश-दुनिया से खरीदार और उद्यमी शामिल हो रहे हैं। इससे प्रदेश में निवेश, उत्पादन और बिक्री के नए अवसर बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। इस बार आयोजन में बढ़ी भागीदारी को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण पिछले रिकॉर्ड से आगे जाएगा। अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को ट्रेड शो के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।