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इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, अभिनेता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दी चुनौती

अभिनेता इमरान खान ने भारत छोड़ने के आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मुंबई के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया था। अभिनेता ने इस कार्रवाई को मनमाना, गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है।

अभिनेता की ओर से अधिवक्ता जुल्फिकार मेमन के नेतृत्व में कानूनी टीम सोमवार, 19 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में मामले का उल्लेख कर जल्द सुनवाई की मांग कर सकती है।

FRRO के नोटिस को रद्द करने की मांग

इमरान खान ने अपनी याचिका में 14 अक्टूबर को जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के किस प्रावधान का उल्लंघन किया है।

अभिनेता ने यह भी दलील दी है कि नोटिस जारी करने से पहले उन्हें न तो कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। याचिका के अनुसार, उन्हें 15 अक्टूबर को नोटिस मिला था, जिसमें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया।

2006 से ओसीआई कार्डधारक होने का दिया हवाला

याचिका में इमरान खान ने बताया है कि वह वर्ष 2006 से ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) का दर्जा रखते हैं और करीब दो साल की उम्र से भारत में रह रहे हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा, पेशेवर काम और पारिवारिक संबंधों का हवाला देते हुए भारत से अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख किया है।

अभिनेता ने अदालत से यह भी मांग की है कि नोटिस जारी करने के लिए अधिकारियों ने जिन दस्तावेजों और तथ्यों पर भरोसा किया, उन्हें सामने रखा जाए।

10 अक्टूबर की घटना से जुड़ा है मामला

इमरान खान ने अपनी याचिका में 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान और नाना चौक के पास हुई एक घटना का जिक्र किया है। उनके अनुसार, वह अपनी गाड़ी की ओर लौट रहे थे, तभी मीडिया कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

अभिनेता का दावा है कि उन्होंने किसी प्रतिबंधित या बैरिकेड वाले क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया था और न ही पुलिस के किसी निर्देश की अवहेलना की थी। याचिका के मुताबिक, उन्हें परिवार के सदस्यों के साथ येलो गेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया।

इस घटना के संबंध में 10 अक्टूबर को मुंबई के गांवदेवी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

अभिनेता ने कार्रवाई को बताया अनुचित

इमरान खान ने दलील दी है कि भारत छोड़ने का नोटिस एफआईआर से जुड़ा प्रतीत होता है, जबकि आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि नोटिस जारी होने तक न तो आरोपपत्र दाखिल किया गया था और न ही आरोप तय हुए थे।

अभिनेता ने अदालत से नोटिस रद्द करने और संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें भारत से हटाने या निर्वासित करने, ब्लैकलिस्ट करने अथवा उनके ओसीआई पंजीकरण को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा देने की अपील की है। फिलहाल, इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है।