अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बड़े नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 2.38 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इस मामले में एक महिला सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म और चीन से मंगाए गए सिक्योरिटी थ्रेड पेपर की मदद से 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट तैयार कर रहे थे।
18 मार्च 2026 को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर सूरत से अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में नकली नोट पहुंचाने जा रही एक फॉर्च्यूनर कार को टोरेन्ट पावर के पास रोका गया। तलाशी के दौरान कार से काले बैग और छिपे पैकेज में नकली नोटों के बंडल बरामद हुए। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले चार महीनों से सूरत के एक मकान में नकली नोट छापने का काम कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क का संचालन मुकेशभाई लखाभाई ठुम्मर कर रहा था, जिसने प्रिंटर, पेपर कटिंग मशीन और अन्य उपकरणों की व्यवस्था की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ‘RBI’ और ‘Bharat’ जैसी मार्किंग वाले सिक्योरिटी थ्रेड पेपर को अलीबाबा जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चीन से मंगवाया था। इसके अलावा फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर और ChatGPT जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर नकली नोटों के डिजाइन और लेआउट को असली जैसा बनाया गया।
अहमदाबाद में कार्रवाई के दौरान करीब 2.10 करोड़ रुपये के नकली 500 रुपये के नोट (42,000 नोट), लगभग 25 लाख रुपये की फॉर्च्यूनर कार, मोबाइल फोन और करीब 1.20 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। वहीं, सूरत में छापेमारी के दौरान करीब 28 लाख रुपये के नकली नोट, सिक्योरिटी थ्रेड पेपर, प्रिंटर, लैपटॉप, पेपर कटिंग मशीन और अन्य उपकरण बरामद हुए।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई देश की आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट बाजार में फैलकर आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ डीसीबी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे नेटवर्क, फाइनेंशियल ट्रेल व संभावित अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी है।