भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने रविवार को 2026 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। इसके तहत असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में चुनाव 9 अप्रैल से शुरू होंगे। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सही मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की नींव होती है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया गया है, ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और अन्य चुनाव कर्मियों की सराहना की। उन्होंने इसे एक बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास बताया। उन्होंने कहा कि ये सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए ये चुनाव सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही नहीं बल्कि देश की ‘एकता में विविधता’ की झलक भी हैं।
चुनाव आयोग ने पिछले कुछ दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव लिए और जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा अन्य एजेंसियों के अधिकारियों से भी बातचीत की। साथ ही आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ भी बैठक कर चुनावी तैयारियों का आकलन किया।
चुनाव कार्यक्रम
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9 अप्रैल: असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में मतदान
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23 अप्रैल: तमिलनाडु में मतदान, साथ ही पश्चिम बंगाल में पहला चरण
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29 अप्रैल: पश्चिम बंगाल में दूसरा चरण
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4 मई: सभी राज्यों के चुनाव परिणाम घोषित होंगे
इन चुनावों के जरिए इन राज्यों में नई विधानसभा के गठन का रास्ता साफ होगा।