उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) के 150 विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। इनमें से 12 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को चुनकर ‘टीम 12’ बनाई गई है, जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी के लिए तैयार है।
विद्यार्थियों ने अपने प्रेजेंटेशन ब्राविटी (Braviti) के सीईओ पवन शर्मा और केआईपीएल (KIPL) के सीईओ पराग शेंडे के सामने प्रस्तुत किए। पवन शर्मा अमेरिका में एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तैयार करना है।
सीएम योगी के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षा
यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित फॉरेंसिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने, नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने और उनके ज्ञान को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा पर फोकस
आज साइबर अपराध, डिजिटल सुरक्षा, स्वचालन और जटिल तकनीकी प्रणालियों से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। इनका समाधान खोजने में एआई, रोबोटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका है। यूपीएसआईएफएस के विद्यार्थियों की ओर से इन क्षेत्रों में समाधान प्रस्तुत करना उनकी तकनीकी समझ और नवाचार क्षमता को सामने लाता है।
संस्थान में फॉरेंसिक विज्ञान के साथ तकनीक और विधि की पढ़ाई पर भी जोर दिया जाता है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच, साइबर सुरक्षा और आधुनिक अपराधों की वैज्ञानिक पड़ताल में इन तीनों क्षेत्रों का समन्वय महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी करेगी ‘टीम 12’
यूपीएसआईएफएस की चुनी गई ‘टीम 12’ अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी की दिशा में काम करेगी। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की तकनीकी परियोजनाओं से जुड़ने और अपने नवाचारों को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे काम के बीच भारतीय विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
अनुसंधान और स्टार्टअप के नए अवसर
तकनीक आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को समस्याओं की पहचान करने, उनका वैज्ञानिक विश्लेषण करने और उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए तैयार करती है। एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में यह अनुभव भविष्य में अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप शुरू करने के अवसर बढ़ा सकता है।
यूपीएसआईएफएस का शैक्षणिक मॉडल टेक्नोलॉजी, विधि और फॉरेंसिक विज्ञान के समन्वय पर आधारित है। आधुनिक अपराधों की जांच में डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों की संयुक्त समझ विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
‘टीम 12’ के सदस्य
यूपीएसआईएफएस की ‘टीम 12’ में ईशानी पांडे, ईशानी ओझा, सिद्धि वत्स, साक्षी गहलोत, पुष्कर सिंह, रवि यादव, विवेक मिश्रा, प्रखर सिंह, दिव्यम श्रीवास्तव, अनिमेष शुक्ला, अनुभव चतुर्वेदी और रविशंकर कुशवाहा शामिल हैं। इस परियोजना का नेतृत्व यूपीएसआईएफएस के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल की प्रमुख डॉ. निमिषा सिंह कर रही हैं।