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राजस्थान में बढ़ती गर्मी को लेकर अलर्ट, अस्पतालों में हीटवेव मरीजों के लिए विशेष इंतजाम

राजस्थान में तेज गर्मी के प्रकोप को देखते हुए अस्पताल सतर्क हो गए हैं और हीटवेव से होने वाली बीमारियों के लिए विशेष वार्ड और टीमें तैयार की जा रही हैं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल, जो राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है, में भी खास इंतजाम किए गए हैं। हीटवेव के दौरान आने वाले मरीजों के लिए अलग वार्ड और आईसीयू चिन्हित किए गए हैं। इसके लिए एक नोडल अधिकारी और समर्पित टीम भी बनाई गई है। हालांकि अभी तक हीट स्ट्रोक के मामले सामने नहीं आए हैं।

उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ रहा है। बुधवार को जयपुर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, जब लगातार पांच दिन तक तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहता है, तो उसे हीटवेव माना जाता है।

मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो पूरे शरीर को ढककर रखें और छाता इस्तेमाल करें। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं। इन उपायों से 70% तक हीट से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा सावधानी बरतें, क्योंकि ये लोग ज्यादा संवेदनशील होते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी भी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों, खासकर पश्चिमी राजस्थान में 1 से 3 मई के बीच हीटवेव और तेज हो सकती है। इसके अलावा विदर्भ में 29 अप्रैल को भी हीटवेव की संभावना जताई गई है।