बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया और कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उनका दिल तोड़ दिया है। आलिया ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि प्रदर्शन कर रहे हर छात्र के पीछे एक सपना, परिवार की उम्मीद और कई सालों की मेहनत और त्याग छिपा है। उन्होंने कहा कि ये छात्र सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए आवाज उठा रहे हैं, जिन्होंने उनका साथ दिया है। साथ ही वे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
आलिया ने छात्रों के हौसले की तारीफ करते हुए कहा कि उनका साहस उन्हें प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि छात्रों का संघर्ष हम सभी से यह सवाल पूछता है कि क्या हम वास्तव में उन युवाओं की आवाज सुन रहे हैं, जो आने वाले समय में देश का भविष्य तय करेंगे।
आलिया ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, "छात्रों के लिए, छात्रों के द्वारा। भविष्य उनका है। जय हिंद।" आलिया भट्ट से पहले बॉलीवुड के कई सितारे भी NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर चुके हैं। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने भी इसे बेहद गंभीर मुद्दा बताया था।
सलमान खान ने सोशल मीडिया पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीफ की और प्रदर्शन के दौरान हिंसा की खबरों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उन छात्रों और उनके परिवारों का दुख है, जो हिंसा में घायल हुए। सलमान ने कहा कि पेपर लीक एक बेहद गंभीर मामला है और यह अच्छी बात है कि देश के युवा बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं और उनके माता-पिता भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
वहीं, NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' प्रदर्शन के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर शुक्रवार को सुनवाई करने की सहमति दी है। याचिका में इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की गई है। याचिका में दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को किसी विशेष जांच एजेंसी को सौंपने और हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिका के मुताबिक, NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर 6 जून 2026 से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हुआ था। इसके बाद 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च निकाला गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई और पथराव हुआ। इसमें पुलिसकर्मी घायल हुए, पत्रकारों पर हमले किए गए और सरकारी व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा डालने और संसद भवन की ओर जाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।