दिल्ली में चांदनी चौक का कूचा महाजनी भारत में रत्न-आभूषणों का सबसे बड़ा थोक बाजार माना जाता है। यहां के दुकानदारों का कहना है कि दिवाली और धनतेरस से पहले उनका कारोबार मंदा पड़ा है। सोना-चांदी महंगा होने से खरीदारों की संख्या कम हुई है और कीमती गहनों की मांग में भारी गिरावट आई है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले खरीदारों की संख्या में 40-50 फीसदी गिरावट आई है।
दुकानदार बताते हैं कि जो लोग खरीदारी के लिए आ भी रहे हैं, उनकी पसंद छोटे और हल्के सामान, जैसे चांदी के सिक्के और छोटी मूर्तियां हैं। कीमती धातुओं के बाजार की उदासी नकली गहना बेचने वालों के लिए उत्साह की वजह बन गई है। खरीदारों का रुख किफायती विकल्पों की तलाश में नकली गहनों की ओर हो गया है।
दुकानदारों की तरह खरीदारों का भी कहना है कि बढ़ती महंगाई की वजह से वे कम सामान खरीद रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले सोने की कीमत करीब 30 फीसदी बढ़ी है। पिछली दिवाली में 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 55 हजार 600 रुपये थी।
अभी 10 ग्राम 22 कैरेट सोना लगभग 73 हजार रुपये में बिक रहा है। चांदी भी एक लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर जा चुकी है। पिछली दिवाली में इसकी कीमत 72 हजार रुपये प्रति किलो थी।