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नागरिकता कानून की धारा 6ए पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत: रविशंकर प्रसाद

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि वे सिटीजनशिप एक्ट की धारा 6ए के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं । सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बहुमत का फैसले सुनाते हुए नागरिकता अधिनियम की उस धारा 6ए की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा जो एक जनवरी, 1966 से 25 मार्च, 1971 के बीच असम आए प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करती है।

चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि असम समझौता अवैध प्रवास की समस्या का राजनैतिक समाधान है। असम समझौते के अंतर्गत आने वाले लोगों की नागरिकता के मामलों से निपटने के लिए एक विशेष प्रावधान के रूप में नागरिकता अधिनियम में धारा 6ए जोड़ी गई थी। 

चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने अपना फैसला लिखते हुए धारा 6ए की वैधता को बरकरार रखा और कहा कि असम की भूमि के छोटे आकार और विदेशियों की पहचान कर पाने की लंबी प्रक्रिया के मद्देनजर इस राज्य में प्रवासियों के आने की दर बाकी राज्यों की तुलना में ज्यादा है।