इस त्योहारी सीजन में दिल्लीवासियों की मिठास अब और बढ़ने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक बाजार में सदियों पुरानी मशहूर मिठाई की दुकान 'घंटेवाला' करीब एक दशक बाद फिर से खुल गई है।
इस दुकान को 1790 में लाला सुखलाल जैन ने शुरू किया था। यहां का सोहन हलवा और कराची हलवा बहुत मशहूर था लेकिन बाद में मिठाई की कम खरीद की वजह से 2015 में दुकान को बंद करना पड़ा था।
मुगल काल से चली आ रही ये दुकान नए लुक और ज्यादा जायकेदार स्वाद के दावे के साथ फिर से अपने पुराने पते पर खुल गई है। 'सोहन हलवा', फारसी मूल की ये बेसन की मिठाई शुरुआत से ही इस दुकान की खासियत रही है।
पुरानी मिठाइयों के अलावा मौजूदा दौर की मिठाइयों और नए स्वाद भी इस बार घंटेवाला की दुकान पर मिलेंगे। दुकान की दीवारें और अंदर लगी तस्वीरें इसके इतिहास की झलक दिखाती हैं। देश के कई प्रधानमंत्री और मशहूर हस्ती घंटेवाला का स्वाद चख चुके हैं।
लाला सुखराम की आठवीं पीढ़ी के वंशज 23 साल के आर्यन जैन का कहना है कि वे सिर्फ मिठाइयां नहीं बेच रहे हैं, बल्कि विरासत में मिले जायके को भी आगे बढ़ा रहे हैं। चाहे पुराने ग्राहक हों या नए, सभी 'घंटेवाला' के फिर से खुलने पर खुश हैं और इनकी मिठाइयों की तारीफ कर रहे हैं।
'आलू लच्छा,' 'मैसूर पाक,' 'दालमोठ,' और 'पिस्ता लौज' जैसी पसंदीदा चीजों के अलावा, नए मेनू में ग्लूटन फ्री जैसे रागी लड्डू और सूखे मेवे की मिठाइयां भी शामिल हैं। इसमें दिल्ली के फेमस स्ट्रीट फूड छोले-भटूरे और चाट भी शामिल हैं।