भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को ऐलान किया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे देश में पहुंच चुका है, जो सामान्य तारीख से करीब एक सप्ताह पहले हुआ है। इससे खरीफ की फसलों की बुवाई को रफ्तार मिलेगी और देश के कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत मिल सकती है। IMD के अनुसार, 2025 में मॉनसून ने केरल में समय से दस्तक देने के बाद पूर्वी, पश्चिमी और मध्य भारत में तेजी से विस्तार किया। पूर्वी भारत, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में भी लगातार भारी वर्षा हो रही है।
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि, IMD के अनुसार दिल्ली में मॉनसून की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इसका प्रमुख कारण मॉनसून ट्रफ का उत्तर-पश्चिम की ओर नहीं बढ़ना है। IMD का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों में दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में मॉनसून पूरी तरह प्रवेश कर सकता है, और इसी के साथ भारी बारिश की संभावना भी है। विभाग ने दिल्ली समेत हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट भी जारी किया है।
बारिश की वजह से राजधानी दिल्ली में तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। शनिवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 1 डिग्री कम है। वहीं, हवा में नमी बढ़ने से वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है और AQI “संतोषजनक” श्रेणी में दर्ज किया गया है। देशभर में मॉनसून के फैलाव से किसानों को राहत मिली है, खासकर उन राज्यों में जहां बारिश की बेहद जरूरत थी। बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी, और जल संकट से जूझ रहे इलाकों को भी कुछ राहत मिल सकती है।