दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू कर दिया। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे 244 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IMD/IITM) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रह सकती है।
CAQM की GRAP उप-समिति ने बुधवार को बैठक कर दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से GRAP-1 के तहत निर्धारित कदम लागू करने का फैसला लिया गया।
सभी एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश
CAQM के आदेश के अनुसार, संबंधित एजेंसियों को GRAP-1 के तहत तय उपायों को लागू करने, उनकी निगरानी करने और समय-समय पर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य वायु गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है।
आयोग ने सभी संबंधित विभागों से सतर्क रहने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित उपायों को तेज करने को कहा है। नागरिकों से भी GRAP-1 के तहत जारी दिशा-निर्देशों और नागरिक चार्टर का पालन करने की अपील की गई है। समिति मौसम और वायु गुणवत्ता के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखेगी। जरूरत के अनुसार आगे के कदमों पर फैसला लिया जाएगा।
20 अक्टूबर को 179 था AQI
आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 179 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अगले दिन इसमें तेज बढ़ोतरी हुई और 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह 244 तक पहुंच गया। इसके बाद प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए GRAP-1 लागू करने का निर्णय लिया गया।
पर्यावरण मंत्री ने प्रदूषण पर जताई चिंता
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में दिल्ली की हवा गंभीर रूप से प्रदूषित हुई है। उनके अनुसार, पिछली सरकारों ने प्रदूषण के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन ठोस कदम उठाने में नाकाम रहीं।
सिरसा ने दावा किया कि इस साल दिल्ली में 214 दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी या मध्यम श्रेणी में रही, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से प्रभावित वर्ष को अलग रखने पर भी यह आंकड़ा 12 साल का रिकॉर्ड है। उन्होंने इसके लिए सरकार के प्रयासों और दिल्ली के लोगों के सहयोग को श्रेय दिया।
सड़कों की धूल कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए सरकार अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर काम कर रही है। इनमें सड़कों से धूल खत्म करना, सभी सड़कों की पूरी सतह पर पक्की परत बिछाना और धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना शामिल है।
फिलहाल GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR की सभी संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में AQI और मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी।