केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों का एक्यूआई 300 के पार बना हुआ है. देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ चुका है. दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आतिशी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी झूठ बोलने और अपनी गलतियों के लिए दूसरों को दोष देने की आदत है. हालांकि, आंकड़ों की बात करें तो पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में इजाफा हुआ है. इसके साथ ही आने वाले दिनों में दिल्ली में वायु प्रदूषण में बड़ी बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है. जिसका मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं हैं. आज, 22 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है.
दिलचस्प बात यह है कि हवा मुख्य रूप से पूर्व से बह रही है - एक पैटर्न जो ऐतिहासिक रूप से पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने में योगदान देता है, फिर भी समग्र वायु गुणवत्ता खराब हो गई है. यह इंगित करता है कि हवा की दिशा में परिवर्तन, विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी हवाओं में बदलाव, कृषि आग से अधिक धुआं दिल्ली में प्रवाहित करके प्रदूषण के स्तर को और भी बढ़ा सकता है.