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दिल्ली के LG बदले... तरनजीत सिंह संधू को मिली कमान, वीके सक्सेना बने लद्दाख के उपराज्यपाल

नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और उपराज्यपाल गुरुवार रात बदल दिए गए। अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को लद्दाख का एलजी बनाया गया। यह नियुक्ति लद्दाख के एलजी कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के बाद की गई। कविंदर गुप्ता हिमाचल के राज्यपाल होंगे। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का कार्यकाल लगभग 46 महीने का रहा। इस दौरान उन्होंने न केवल खुद जमीन पर उतारकर दिल्ली की सूरत बदली, बल्कि उनके कार्यकाल में ही भाजपा ढाई दशक से ज्यादा समय बाद दिल्ली की सत्ता में लौटी। दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही उन्हें किसी नई जगह जिम्मेदारी देने की चर्चाएं चल रही थी, जिसकी घोषणा आखिरकार गुरुवार को हो गई। 

दिल्ली के नए उपराज्यपाल के रूप में तरनजीत सिंह संधू का नाम घोषित किया गया है जो एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त राजनयिक हैं। उनका जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उन्होंने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में कार्य किया। 31 जनवरी 2024 को अमेरिका में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था। सेवानिवृत होने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे।

तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जेएनयू से शिक्षा प्राप्त की है। 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी रहे संधू अमेरिका में भारत के राजदूत (2020-2024) और श्रीलंका में उच्चायुक्त रह चुके हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और जटिल प्रशासनिक मुद्दों का अनुभव हासिल किया। वह अमेरिका से जुड़े मामलों में सबसे अनुभवी भारतीय राजनयिकों में से एक हैं। सेवानिवृत्ति के बाद मार्च 2024 में भाजपा में शामिल हुए और लोकसभा चुनाव 2024 में अमृतसर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गए।

वे प्रतिष्ठित तेजा सिंह समुंदरी के पोते हैं, जिनका अमृतसर और सिख राजनीति में बड़ा इतिहास रहा है। उन्होंने जुलाई 2013 से जनवरी 2017 तक वाशिंगटन स्थित दूतावास में उप मिशन प्रमुख के रूप में सेवा दी। इसके अलावा जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी कार्यरत थे। 

वहीं वीके सक्सेना ने 26 मई 2022 को यह पदभार संभाला था। कार्यकाल संभालने के बाद दिल्ली में सड़कों से लेकर नालों तक की सफाई के लिए वह खुद जमीन पर उतरे। दिल्ली में डीडीए को साथ लेकर उन्होंने कई नए पार्क एवं पर्यटन स्थल विकसित किए। अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सीबीआई को कथित शराब घोटाले की शिकायत भिजवाने से लेकर आप नेताओं के जेल जाने तक की शिकायतें उनकी तरफ से ही भेजी गई थीं। लेकिन दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद से वह जमीनी स्तर पर कम ही देखे गए।