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CM धामी ने नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया हिस्सा, राज्य के मुद्दों पर डाला प्रकाश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, बैठक में 'विकसित भारत 2047' के विजन, सहकारी संघवाद को मजबूत करने और देश भर के राज्यों के समग्र और संतुलित विकास को सुनिश्चित करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

CMO ने बताया कि बैठक के दौरान धामी ने उत्तराखंड के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर बात की, जिनमें बुनियादी ढांचा, पर्यटन, निवेश, रोजगार सृजन और जन कल्याण शामिल हैं। इस बैठक ने राज्यों और केंद्र को विकास की प्राथमिकताओं और नीतिगत पहलों पर विचार-विमर्श करने का मंच प्रदान किया, जिनका मकसद लंबे समय के राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को हासिल करना है। CMO के अनुसार, उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कृषि व उससे जुड़ी गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में आजीविका को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। इससे पहले, धामी ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बेहतर बनाने के मकसद से शुरू की गई किसानों पर केंद्रित कई पहलों का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में धामी ने कहा कि PM-किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं ने किसानों को सशक्त बनाया है, उनकी आय में सुधार किया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलावों ने लाखों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं और खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने में मदद की है।

उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए धामी ने कहा कि राज्य बागवानी, प्राकृतिक खेती, मोटे अनाज (मिलेट्स), कृषि मशीनीकरण और किसानों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच को बढ़ावा दे रहा है, खासकर सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों में। मुख्यमंत्री ने "हाउस ऑफ हिमालय" पहल का भी जिक्र किया और कहा कि यह उत्तराखंड के पहाड़ी उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में मदद कर रही है। धामी ने कहा कि राज्य सरकार 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप एक विकसित उत्तराखंड के व्यापक लक्ष्य को हासिल करने के साथ-साथ, किसानों को समृद्ध बनाने और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार के तौर पर कृषि को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।