दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सीमा पर गाजीपुर में कूड़े के ढेर को लेकर वहां के मतदाताओं की चिंता फिर सामने आ रही है। कूड़े के ऊंचे ढेर का साया लोगों के घरों पर पड़ रहा है। उनकी सेहत खराब हो रही है। वायु प्रदूषण कई गुना बढ़ गया है। गंदा पानी जमा रहता है और बुनियादी ढांचा तक विकसित नहीं हो पा रहा।
लोगों का कहना है कि मौनसून में परेशानियां और बढ़ जाती हैं। नालों का पानी सड़कों पर बहने लगता है, जिससे पीने का पानी भी गंदा हो जाता है। कूड़े से होने वाला प्रदूषण लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। वे बताते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को भी सेहत की कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोग सालों भर सांस से जुड़ी बीमारियों के शिकार रहते हैं। 63 साल के सुखबीर सिंह समेत कई लोगों का कहना है कि उन बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कूड़े के ढेर के पास रहने वाले अपनी समस्याओं से निजात पाने की गुहार दशकों से लगा रहे हैं। लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रहा।
दिल्ली में एक बार फिर विधानसभा चुनाव होने हैं। लोग फिर मांग कर रहे हैं कि अगली सरकार उनकी परेशानियां दूर करने को प्राथमिकता दे। दिल्ली विधानसभा की 70 सीट के लिए पांच फरवरी को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती आठ फरवरी को होगी।