कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला रेजिडेंट डॉक्टर की हत्या की घटना के खिलाफ सोमवार को आठवें दिन भी रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। दिल्ली के सभी मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के लिए एक्शन कमेटी बनाकर निर्माण भवन के बाहर ओपीडी चलाने का फैसला किया है।
बातचीत के दौरान डॉक्टर पूजा ने बताया कि "अभी एक हफ्ता गुजर चुका है उस घटना को हुए, अभी तक हमें किसी भी प्रकार का न्याय नहीं मिला है। सरकार ने किसी भी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया है अभी। तो हम लोग लाचर हैं क्योंकि ये स्ट्राइक करना भी हमारी मजबूरी है हम लोग कोई शौक से स्ट्राइक नहीं कर रहे लेकिन हम लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है और इसमें मेन प्वॉइंट मैं यही बोलना चाहूंगी न्याय इस लिए नहीं मिल रहा क्योंकि सिर्फ डॉक्टर ही प्रोटेस्ट कर रहे हैं। आम जनता अभी भी प्रोटेस्ट नहीं कर रही है। आम जनता की आवाज अभी भी हम लोगों के साथ नहीं है क्योंकि उनको बोलना चाहिए आज हम लोगों को अपना अस्पताल का परिसर छोड़कर यहां ओपीडी करने के लिए आए हैं क्योंकि हम लोगों को यही लगता है कि जब हम लोग अस्पताल में सेफ ही नहीं हैं तो हम लोग ड्यूटी क्यों करें।"
वहीं डॉक्टर प्रशस्ति ने बताया कि "हमारी बहन को न्याय मिले जो हमारी बहन है जिसके साथ इतना बड़ा दुष्कर्म हुआ है,उसके अपने अस्पताल में, सारी महिलाएं डॉक्टर बहुत ही डरी हुई हैं। हम लोग ड्यूटी करने में हम काफी ज्यादा डर और भयभीत हैं कि ऐसा हमारी बहन के साथ हुआ है तो हमारे साथ भी हो सकता है। हम केंद्रीय सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से सुरक्षा चाहते हैं। हम चाहते हैं कि ऐसी घटना कभी न हो।