Punjab: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि वृंदावन में जब नौका पलटी तब उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे और किसी के पास भी ‘लाइफ जैकेट’ नहीं थी। उन्होंने दुर्घटना का कारण सुरक्षा उपायों की कमी को बताया। मान ने यह भी कहा कि नदी से एक और शव बरामद किया गया है, जिससे शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं।
मथुरा में शुक्रवार को हुए नौका हादसे के बाद बचावकर्मियों ने यमुना नदी से 22 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश प्रशासन से बात करेगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लाखों लोग वहां घूमने जाते हैं। ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और हम इस संबंध में उनसे जरूर बात करेंगे।’’ मान ने पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मरने वालों में अधिकतर लोग पंजाब के लुधियाना जिले के जगरांव और दुगरी क्षेत्रों के निवासी थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘11 शव बरामद किए जा चुके हैं और चार लोग अब भी लापता हैं।’’
उन्होंने बताया कि गोताखोरों की एक टीम लापता लोगों को खोजने के प्रयास में लगी हुई है। मान ने जगरांव में मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद पत्रकारों को बताया कि लापता पांच लोगों में से एक माणिक टंडन का शव मिल गया है।
उन्होंने जगरांव में पीड़ितों के घरों का दौरा भी किया और संवेदना व्यक्त की। मान ने नौका संचालकों की कथित लापरवाही के बारे में पूछे जाने पर कहा कि नाव में 15-16 लोगों की क्षमता के मुकाबले 32 लोग सवार थे। उन्होंने कहा, ‘‘कोई लाइफ जैकेट नहीं थी। यह जांच का विषय है।’’ मान ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं लोगों की सुरक्षा से संबंधित उपायों में कमी है।’’
अधिकारियों के अनुसार, करीब 120 तीर्थयात्रियों का एक समूह नौ अप्रैल को दो बसों में वृंदावन की चार दिवसीय यात्रा पर निकला था और नौका दुर्घटना की चपेट में आए लोग इसी का हिस्सा थे। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त नौका के संचालक को गिरफ्तार कर लिया।