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1984 सिख विरोधी दंगे: जगदीश टाइटलर पर तय होंगे आरोप, कोर्ट ने कहा- पर्याप्त सबूत

New Delhi: 1984 सिख दंगा मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ हत्या का केस चलेगा। दिल्ली के कोर्ट ने शुक्रवार को टाइटलर के खिलाफ हत्या समेत दूसरे धाराओं में आरोप तय कर दिए। मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी। टाइटलर को कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।

सीबीआई ने मामले में टाइटलर के खिलाफ 20 मई 2023 को चार्जशीट दाखिल की थी। एक गवाह ने आरोप लगाया था कि जगदीश टाइटलर ने एक नवंबर 1984 को गुरुद्वारा पुल बंगश के सामने एक एंबेसडर कार से बाहर निकले और भीड़ को सिखों की हत्या करने के लिए उकसाया था।

सीबीआई ने भी अपने आरोप पत्र में कहा कि टाइटलर ने भीड़ को उकसाया था। इसके बाद गुरुद्वारे में आग लगा दी गई। इस हिंसा में ठाकुर सिंह, बादल सिंह और गुरु चरण सिंह मारे गए थे। सीबीआई ने टाइटलर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा), 109 (भड़काना) और 302 (हत्या) का आरोप लगाया था।

जगदीश टाइटलर 2004 में मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री थे, लेकिन विरोध के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उन्हें पिछले साल दिल्ली नगरपालिका चुनाव के लिए समिति में शामिल किया गया था, जिससे विवाद हो गया। उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी शामिल होना था, लेकिन कंट्रोवर्सी से बचने के लिए वे यात्रा में शामिल नहीं हुए।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख बॉडीगार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, इस घटना के बाद देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे की आग भड़क उठी थी। एक सेशन कोर्ट ने इस मामले में पिछले साल अगस्त में टाइटलर को अग्रिम जमानत दे दी थी। अदालत की ओर से इस दौरान टाइटलर पर कुछ शर्तें भी लगाई थीं।