Breaking News

जयपुर एयरपोर्ट पर आज भी एअर इंडिया फ्लाइट की पहले प्रयास में लैंडिंग नहीं हो पाई     |   मेघालय की कोयला खदान में भीषण धमाका, 10 मजदूरों की मौत     |   भारत टैक्सी सर्विस कश्मीर से कन्याकुमारी तक कल्याण का बड़ा माध्यम बनेगी: अमित शाह     |   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब पांच बजे राज्यसभा को संबोधित करेंगे     |   WB: बजट में 'युवा साथी योजना' का ऐलान, 21-40 साल के बेरोजगारों को हर महीने ₹1500     |  

सोना 1,500 रुपये टूटा, चांदी भी फिसली, जानें आज का भाव

Gold Silver Price: राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 1,500 रुपये टूटकर 1,29,400 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों के बाद कमजोर वैश्विक रुख के साथ सोने के भाव में नरमी आई। अधिकारियों ने संकेत दिया कि ताजा आर्थिक आंकड़ों के अभाव में ब्याज दरों में और कटौती में देरी हो सकती है।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत गुरुवार के बंद भाव 1,30,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से 1,500 रुपये घटकर 1,28,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई। स्थानीय सर्राफा बाजार में, पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,30,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से सप्ताह के अंत में सोने की कीमतों में नरमी आई।’’ उन्होंने बताया कि एक अक्टूबर से अमेरिका में ‘शटडाउन’ की वजह से सरकारी एजेंसियों पर असर पड़ने के कारण नए आर्थिक आंकड़ों की कमी की वजह से फेडरल रिजर्व के और अधिकारी सतर्क हो गए हैं।

शुक्रवार को चांदी की कीमतें भी 4,200 रुपये गिरकर 1,64,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गईं। गुरुवार को चांदी की कीमत 1,69,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। विदेशी बाजार में, हाजिर सोना 33.58 डॉलर यानी लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,137.88 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि हाजिर चांदी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52.03 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार पर रही।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक ...जिंस एवं मुद्रा) जतीन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व के सदस्यों की टिप्पणियों के कारण सोने की कीमतें कमजोर रहीं, क्योंकि नए आर्थिक आंकड़ों की कमी से ब्याज दरों में और कटौती में देरी हो सकती है। इससे सर्राफा बाजार में धारणा कमजोर हुई। डॉलर सूचकांक मजबूत हुआ, जिससे सोने पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।’’